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Waterproofing Solution for Building Conditions – Complete Roof Leakage Guide
आपकी बिल्डिंग की स्थिति समझकर उपयुक्त वॉटरप्रूफिंग चुनें।
अपने घर या बिल्डिंग में हो रहे रिसाव को पहचानें और दीवार, छत, स्लैब, बेसमेंट तथा RCC संरचनाओं के लिए सही वॉटरप्रूफिंग समाधान चुनें।
सही पहचान + सही ट्रीटमेंट = लंबे समय तक सुरक्षित बिल्डिंग

Waterproofing Solution for Building Conditions — बिल्डिंग कंडीशन के आधार पर वॉटरप्रूफिंग क्यों जरूरी है
यह गाइड आपको आपकी बिल्डिंग की स्थिति पहचानने और उसके अनुसार सही वॉटरप्रूफिंग समाधान चुनने में मदद करता है।
पुरानी इमारतों में आमतौर पर:
- कमजोर कंक्रीट
- जॉइंट में दरारें
- ढीला प्लास्टर
- ज्यादा सीलन और रिसाव
- ढलान (Slope) सही न होने के कारण पानी का जमा होना
- पुराने जमाने वाली लोहे की बीम-स्लैब लगी छत
नई इमारतों में आमतौर पर:
- RCC स्ट्रक्चर
- बेहतर ढलान (Slope)
- मॉडर्न मैटेरियल
- अलग प्रकार की लीकेज समस्या
इसलिए चाहे बिल्डिंग पुरानी हो या नई, सही Waterproofing Solution for Building Conditions चुनने से पहले उसकी कंडीशन पहचानना बहुत जरूरी है। जैसे कि —
छत की सतह पर ज्यादा दरारें या टूटा-फूटा प्लास्टर दिखाई देना
छत पर पानी जमा होना (पॉन्डिंग / तालाब बनना)
टाइल्स या स्टोन स्लैब के जॉइंट्स खुल जाना
पैरापेट दीवार और फ्लोर जॉइंट पर वाटा-जॉइंट या टाइल स्कर्टिंग न होना
पुरानी या खराब हो चुकी वॉटरप्रूफिंग परत मौजूद होना — जिसे हटाना जरूरी है
इन स्थितियों की सही पहचान करने के बाद ही उपयुक्त ट्रीटमेंट चुनना चाहिए, तभी लंबे समय तक रिसाव बंद रहता है।
बिल्डिंग की उम्र और निर्माण प्रकार के अनुसार समाधान चुनें
किसी भी वॉटरप्रूफिंग काम से पहले ये समझना बहुत जरूरी है कि बिल्डिंग कितनी पुरानी है और किस तरह से बनी है। क्योंकि हर दौर में निर्माण सामग्री और तकनीक अलग होती है — इसलिए ट्रीटमेंट भी अलग चाहिए।
Waterproofing से पहले छत की सही जांच क्यों जरूरी है
किसी भी वॉटरप्रूफिंग ट्रीटमेंट लगाने से पहले छत की अच्छी तरह जांच करना बहुत जरूरी है। अगर छत में दरारें, पुराने पैच, पानी जमा होने की समस्या या गलत ढलान है, तो सीधे वॉटरप्रूफिंग करने से सही रिज़ल्ट नहीं मिलता। छत की ये चीजें वॉटरप्रूफिंग के परिणाम को सीधे प्रभावित करती हैं:
सतह की हालत (क्रैक, टूट-फूट) | स्लैब की मजबूती | जॉइंट्स की स्थिति | बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था
जब बिल्डिंग की असली स्थिति समझकर Waterproofing Solution for Building Conditions चुना जाता है, तब मरम्मत और वॉटरप्रूफिंग दोनों ज्यादा असरदार होते हैं और भविष्य में लीकेज होने की संभावना बहुत कम हो जाती है।
7 अलग-अलग स्थिति के लिए अलग वॉटरप्रूफिंग समाधान जरूरी हैं।
समय के साथ पुरानी छतों में कई तरह की समस्याएँ आने लगती हैं। कहीं साफ दरारें दिखती हैं, कहीं पानी जमा रहता है, और कई जगह पुरानी वॉटरप्रूफिंग परत खराब हो चुकी होती है। ऐसे में हर समस्या पर एक ही प्रकार की वॉटरप्रूफिंग करने से सही और लंबे समय का परिणाम नहीं मिलता।
नीचे दी गई छत की आम 7 स्थितियों के अनुसार अलग-अलग वॉटरप्रूफिंग समाधान चुनना जरूरी होता है। जब आप अपनी छत की सही स्थिति पहचान लेते हैं, तब सही ट्रीटमेंट चुनकर लंबे समय तक लीकेज रोका जा सकता है।
हर प्रकार की समस्या के लिए अलग वॉटरप्रूफिंग सिस्टम ही भरोसेमंद और टिकाऊ सुरक्षा देता है।
नोट:
किसी भी वॉटरप्रूफिंग काम से पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी छत किस स्थिति में आती है — तभी सही समाधान काम करेगा।

छत की सतह पर दरारें और खराब प्लास्टर होने पर वॉटरप्रूफिंग करने से पहले उसकी सही मरम्मत करना जरूरी होता है।
Recommended Waterproofing Approach (उपयुक्त तरीका)
जब surface repair पूरी तरह हो जाए और प्लास्टर अच्छी तरह सेट/क्योर हो जाए, तब अंतिम सुरक्षा के लिए उपयुक्त terrace waterproofing treatment लगाना चाहिए।
यानी —पहले repair → फिर waterproof coating → तभी लंबी सुरक्षा
1. छत की सतह पर दरारें और खराब प्लास्टर (Cracks & Damaged Plaster Roof)
कई साल तक खुली रहने वाली छतों में प्लास्टर कमजोर होकर टूटने लगता है।
धीरे-धीरे इन दरारों से पानी अंदर जाता है और स्लैब को नुकसान पहुंचाता है।
ऐसी स्थिति में सीधे waterproof coating या chemical लगाने से फायदा नहीं मिलता — पहले repair जरूरी होता है।Waterproofing से पहले Surface Preparation (सतह तैयार करने के स्टेप्स)
- ढीला और टूटा प्लास्टर पूरी तरह हटा दें
- छत को अच्छी तरह साफ करें (dust, मिट्टी, कण हटाएँ)
- पानी से धोकर surface clean करें
नीचे दिए गए मिक्स से दोबारा plaster repair करें:
- 1 बाल्टी सीमेंट
- 1 बाल्टी रेत
- 1 बाल्टी छनी हुई नदी की रेत
- 1 बाल्टी छोटा एग्रीगेट (कंक्रीट स्टोन)
bonding और waterproof strength बढ़ाने के लिए लगभग 1 लीटर PSv -liquid waterproofing chemical मिलाएँ
पहले Repair करना क्यों जरूरी है
अगर cracks और कमजोर प्लास्टर ऐसे ही छोड़कर सीधे terrace waterproofing कर दी जाए,
तो पानी स्लैब के अंदर चला जाता है और coating जल्दी फेल हो जाती है।सही तरीका:
पहले crack repair + plaster restoration → उसके बाद waterproof treatmentइससे waterproofing ज्यादा समय तक टिकती है और future leakage की समस्या रुकती है।


2. छत पर पानी जमा होना (Water Ponding / ढलान की समस्या)
अगर छत पर सही ढलान (slope) नहीं होता, तो बारिश का पानी एक जगह जमा होकर तालाब बना देता है।
यह रुका हुआ पानी धीरे-धीरे अंदर सीपेज करता है और किसी भी waterproof coating को जल्दी खराब कर देता है।
इसलिए waterproofing करने से पहले ponding problem ठीक करना जरूरी है।
कैसे सुधारें (Slope Correction & Surface Repair)
- जहां-जहां पानी जमा होता है उन low spots को पहचानकर मार्क करें
- ढीला प्लास्टर या मोर्टार हटाएँ ताकि नई लेयर अच्छी तरह चिपकेनीचे दिए गए मिक्स से लेवल/स्लोप बनाकर दोबारा प्लास्टर करें:
1 बाल्टी सीमेंट + 2 बाल्टी रेत + बेहतर bonding और water resistance के लिए लगभग 1 लीटर liquid PSv waterproofing chemical मिलाए
- प्लास्टर करते समय पानी की निकासी (drain outlet) की दिशा में ढलान जरूर दें
- प्लास्टर पूरी तरह सेट होने के बाद terrace waterproofing treatment शुरू करें।
ढलान सुधारना क्यों जरूरी है
यदि छत पर पानी लंबे समय तक खड़ा रहता है, तो सबसे अच्छी waterproofing भी खराब हो जाती है।
सही slope और drainage होने पर waterproofing की life कई गुना बढ़ जाती है और future seepage रुकता है।
Tip:
पुरानी बिल्डिंग में drain outlet चोक या छोटा हो सकता है — कई बार leakage coating की वजह से नहीं बल्कि गलत drainage से होता है।
यह बहुत आम समस्या है, और इसे ठीक किए बिना कोई भी waterproofing स्थायी समाधान नहीं देता।

यह स्थिति क्यों होती है
जब जोड़ लंबे समय तक बिना सील रहते हैं, तो बारिश का पानी बार-बार अंतराल के माध्यम से प्रवेश करता है और धीरे-धीरे स्लैब संरचना को कमजोर करता है। इसके परिणामस्वरूप नमी, रिसाव या रिसाव की समस्याएं होती हैं। किसी भी वॉटरप्रूफिंग समाधान को लागू करने से पहले उचित संयुक्त भरने और सीलिंग आवश्यक है।
निर्माण की स्थिति के लिए एक वॉटरप्रूफिंग समाधान का चयन करने के बारे में अधिक जानकारी के लिए, हमारे DIY वॉटरप्रूफिंग गाइड को देखें।
3. टाइल्स या स्टोन स्लैब के खुले जॉइंट (Open Tile / Stone Joints Leakage)
अगर छत पर टाइल्स या पत्थर के स्लैब ग्रिड पैटर्न में लगे हैं, तो मौसम के असर से उनके बीच के जॉइंट समय के साथ खुल जाते हैं।
बारिश का पानी इन्हीं गैप से नीचे स्लैब में जाता है और सीलन/लीकेज शुरू हो जाती है।
ऐसी स्थिति में सीधे waterproof coating करना सही नहीं — पहले जॉइंट सील करना जरूरी है।
Step-by-Step Treatment (Joint Sealing Process)
» सभी जॉइंट्स को अच्छी तरह साफ करें (धूल, मिट्टी, फंगस हटाएँ)
» पानी से धोकर पूरी तरह सूखने दें
» खुले गैप को crack filler / joint filling compound से भरें
» जॉइंट सेट होने के बाद final terrace waterproofing coating लगाएँ
क्यों जरूरी है Joint Sealing
जब जॉइंट सही से बंद हो जाते हैं, तो पानी का अंदर जाने का रास्ता खत्म हो जाता है। इसके बाद लगाया गया waterproof layer ज्यादा असरदार और लंबे समय तक टिकाऊ रहता है।
Bonus Tip (बेहतर रिज़ल्ट के लिए)
अगर जॉइंट चौड़े या गहरे हों —उन्हें 2 लेयर में भरें। इससे bonding मजबूत होती है और sealing ज्यादा durable बनती है।
याद रखें: टाइल वाली छत में ज्यादातर लीकेज coating से नहीं, बल्कि खुले जॉइंट से होती है।


यदि पैरापेट दीवार के कोनों में झालर या पट्टिका नहीं होती है, तो बारिश का पानी जंक्शन के माध्यम से प्रवेश कर सकता है और दीवारों को गीला कर सकता है। वॉटरप्रूफिंग से पहले स्कर्टिंग स्थापित करने से इस समस्या को रोकने में मदद मिलती है।
4. पैरापेट दीवार और फ्लोर जॉइंट पर सीपेज (Parapet Wall Junction Leakage)
टाइल वाली छतों में अक्सर पैरापेट दीवार और फ्लोर टाइल के बीच गैप बन जाता है।
बारिश का पानी इसी कोने (junction) से अंदर जाता है और धीरे-धीरे स्लैब में रिसने लगता है।
यही जगह आमतौर पर waterproofing fail होने की पहली जगह बनती है।
जब इस जॉइंट को सही तरह बंद नहीं किया जाता, तो पानी कोने में जमा रहता है और बाद में ये समस्याएँ आती हैं:
- अंदर दीवार पर सीलन
- पेंट उखड़ना
- प्लास्टर खराब होना
- बार-बार पैचवर्क
इसलिए waterproofing से पहले इस junction को treat करना बहुत जरूरी है।
Step-by-Step Solution (Skirting Treatment)
→ 3″–4″ चौड़ी टाइल स्ट्रिप्स काटकर स्कर्टिंग के लिए तैयार करें
→ इन्हें पैरापेट दीवार के नीचे लगाएँ ताकि फ्लोर और दीवार के बीच मजबूत वाटर-बैरियर बने
→ जॉइंट पूरी तरह सील होने के बाद terrace waterproofing coating करें
क्यों जरूरी है ये ट्रीटमेंट
जब दीवार-फ्लोर का कोना बंद हो जाता है, तब पानी अंदर जाने का रास्ता खत्म हो जाता है।
इसके बाद की गई waterproofing ज्यादा टिकाऊ और लंबे समय तक प्रभावी रहती है।

5. पुरानी वॉटरप्रूफिंग परत हटाना (Old Coating Removal)
अगर पहले की waterproofing परत अब छिल रही है, फट गई है या भुरभुरी हो चुकी है, तो वह सुरक्षा नहीं देती। ऐसी स्थिति में पुराने लेयर के ऊपर नई coating करना बेकार होता है — पहले पुरानी लेयर हटाना जरूरी है।
अगर खराब कोटिंग नहीं हटाई गई, तो उसके नीचे नमी फंसी रहेगी और बाद में ये समस्याएँ आएँगी → जैसे की ब्लिस्टरिंग (फूलना) | छिलना | दोबारा लीकेज इसलिए किसी भी नए waterproofing treatment से पहले सही surface preparation बहुत जरूरी है।
Step-by-Step Process
→ हाथ के औजार या मशीन से पुरानी waterproofing पूरी तरह हटाएँ
→ धूल, ढीला मटेरियल, काई, बिटुमेन कण अच्छी तरह साफ करें
→ स्लैब को पूरी तरह सूखने दें
→ उसके बाद नई waterproof coating या slurry-based waterproofing product लगाएँ
क्यों जरूरी है पुरानी लेयर हटाना
नई coating तभी मजबूती से चिपकती है जब वह सीधे मजबूत स्लैब से जुड़े।
पुरानी खराब परत के ऊपर की गई waterproofing जल्दी फेल हो जाती है, जबकि सही तरीके से तैयार सतह पर की गई treatment लंबे समय तक टिकती है।


6. टेरेस गार्डन या पेड़ की जड़ों से छत खराब होना (Terrace Garden Root Damage)
जहाँ कई सालों से टेरेस गार्डन बना होता है, वहाँ पौधों की जड़ें प्लास्टर को तोड़कर स्लैब तक पहुँच जाती हैं।
धीरे-धीरे ये जड़ें दरारें बना देती हैं और बारिश का पानी सीधे अंदर जाने लगता है।
इसके कारण आमतौर पर ये समस्याएँ दिखती हैं:
- अंदर सीलन और टपकाव
- छत कमजोर होना
- बार-बार रिपेयर की जरूरत
ऐसी छत पर सिर्फ coating लगाना पर्याप्त नहीं होता — पहले बेस दोबारा बनाना पड़ता है।
Repair & Restoration Method
- खराब प्लास्टर और ढीला मटेरियल हटाकर स्लैब पूरी तरह expose करें
- सही ढलान बनाने के लिए नई PCC (Plain Cement Concrete) लेवलिंग लेयर डालें
- PCC मिक्स के पानी में लगभग 10% Psv liquid waterproofing chemical मिलाएँ
(उदाहरण: 100 लीटर पानी में 10 लीटर केमिकल)
→ इससे bonding मजबूत होती है और पानी का रास्ता बंद होता है
→ PCC को 4–6 दिन ठीक से cure होने दें (इस दौरान भारी चलना या पानी भरना न हो)
→ सूखने के बाद final terrace waterproofing coating / slurry treatment करें
क्यों जरूरी है Base Rebuild
जड़ें हमेशा कमजोर जॉइंट और नमी वाले रास्तों से अंदर जाती हैं। जब पूरा बेस दोबारा बनाया जाता है, तब ही लंबे समय तक leakage रुकता है — खासकर terrace garden के नीचे।

छत और आरसीसी वॉटरप्रूफिंग के लिए सामग्री की आवश्यकता है? → वॉटरप्रूफिंग केमिकल्स और सॉल्यूशंस ब्राउज़ करें →
7. RCC बीम-स्लैब छत में लीकेज (Beam-Slab Joint Leakage)
1980–1990 के आसपास बनी पुरानी RCC छतों में अक्सर बीम और स्लैब के जॉइंट पर दरारें आ जाती हैं।
तापमान के कारण फैलाव-सिकुड़न (expansion-contraction) होता है और बारिश का पानी इन्हीं जॉइंट से अंदर जाने लगता है।
ऐसी छत पर सिर्फ ऊपर से पेंट या साधारण coating करने से समस्या हल नहीं होती —
जॉइंट ट्रीटमेंट + पूरी सतह waterproof करना जरूरी होता है।
Recommended Waterproofing Method (Step-by-Step)
Step-1: Surface Cleaning
⇒ ढीला प्लास्टर, धूल, काई और मलबा हटाकर बीम-स्लैब जॉइंट साफ और दिखाई देने लायक करें
Step-2: Joint Sealing
⇒ इन जॉइंट्स को flexible crack-filler / sealant से भरें
(क्योंकि ये जगह हिलती-डुलती रहती है)
Step-3: Waterproof Slurry / Coating
⇒ पूरी छत पर uniform waterproof slurry या elastomeric coating लगाएँ ताकि लगातार water-barrier बने
Step-4: Protective Top Coat
⇒ ऊपर से acrylic / UV resistant protective coat लगाएँ
(धूप और मौसम से सुरक्षा मिलती है, life बढ़ती है)
Step-5: Practical Advantage
⇒ कई मामलों में यह treatment बिना टाइल हटाए भी किया जा सकता है — समय और खर्च दोनों बचते है
यह सिस्टम काम क्यों करता है
RCC छतों में सबसे ज्यादा लीकेज बीम-स्लैब जॉइंट से होता है। जब पहले जॉइंट सील किया जाता है और फिर पूरी छत पर continuous waterproof layer बनाई जाती है, तो seepage रुक जाता है और future maintenance cost कम हो जाती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
बिल्डिंग की वास्तविक स्थिति के अनुसार सही waterproofing solution चुनने से ही लंबे समय तक लीकेज, सीलन और स्ट्रक्चर खराब होने से बचाव मिलता है। जब छत, स्लैब या दीवार की समस्या समझकर ट्रीटमेंट किया जाता है, तो बार-बार रिपेयर की जरूरत कम हो जाती है और भविष्य का खर्च भी बचता है।
RCC बीम-स्लैब छतों में खासकर flexible waterproofing जरूरी होती है, जो जॉइंट, टाइल गैप और कंक्रीट इंटरफेस को सही तरह सील करे। यह condition-based तरीका छत की लाइफ बढ़ाता है, अंदर की नमी कम करता है और पूरी बिल्डिंग को ज्यादा टिकाऊ बनाता है।
अपनी छत के लिए सही समाधान चुनने में मदद चाहिए? मार्गदर्शन के लिए हमारी टीम से संपर्क करें। → Whats App
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